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Showing posts from August, 2017

काश!!जिस उत्साह से हम किसी भी पर्व को सोशलमीडिया पर मनाते हैं, अगर यही उत्साह निजी जिंदगी में भी निभा पाते तो स्वर्ग और कहीँ नहीं वह मेरे साथ होता हम उसके साथ का इंतजार नहीं करते ,फिर भी इसी आशा के साथ आप सभी भाई -बहनों, बुजुर्गो एवं बच्चों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं!!!!

हाथ में चंद धागे लपेट लेने से हमारी जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। हम अपनी आत्मा से पूछें कि हमने बहनों को कितनी आर्थिक सुरक्षा दी है? क्या हम उन्हें पैतृक सम्पत्ति का हक दे रहे हैं? अगर नहीं तो हाथ में धागा लपेटने की सांकेतिक सुरक्षा का हजारों वर्षों का परिणाम हमारे सामने है।

हरिवंशराय बच्चनजी की सुन्दर कविता— अगर बिकी तेरी दोस्ती… तो पहले ख़रीददार हम होंगे..! तुझे ख़बर न होगी तेरी क़ीमत .. पर तुझे पाकर सबसे अमीर हम होंगे..!! दोस्त साथ हो तो रोने में भी शान है.. दोस्त ना हो तो महफिल भी समशान है! सारा खेल दोस्ती का है ऐ मेरे दोस्त, वरना जनाजा और बारात एक ही समान है !! …. सारे दोस्तो को समर्पित…. Happy Friendship Day !!!

*भीतर के "मैं" का मिटना ज़रूरी है* सुकरात समुन्द्र तट पर टहल रहे थे| उनकी नजर तट पर खड़े एक रोते बच्चे पर पड़ी | वो उसके पास गए और प्यार से बच्चे के सिर पर हाथ फेरकर पूछा , -''तुम क्यों रो रहे हो? लड़के ने कहा- 'ये जो मेरे हाथ में प्याला है मैं उसमें इस समुन्द्र को भरना चाहता हूँ पर यह मेरे प्याले में समाता ही नहीं | बच्चे की बात सुनकर सुकरात विस्माद में चले गये और स्वयं रोने लगे | अब पूछने की बारी बच्चे की थी | बच्चा कहने लगा- आप भी मेरी तरह रोने लगे पर आपका प्याला कहाँ है? सुकरात ने जवाब दिया- बालक, तुम छोटे से प्याले में समुन्द्र भरना चाहते हो,और मैं अपनी छोटी सी बुद्धि में सारे संसार की जानकारी भरना चाहता हूँ | आज तुमने सिखा दिया कि समुन्द्र प्याले में नहीं समा सकता है , मैं व्यर्थ ही बेचैन रहा |' यह सुनके बच्चे ने प्याले को दूर समुन्द्र में फेंक दिया और बोला- "सागर अगर तू मेरे प्याले में नहीं समा सकता तो मेरा प्याला तो तुम्हारे में समा सकता है | इतना सुनना था कि सुकरात बच्चे के पैरों में गिर पड़े और बोले- बहुत कीमती सूत्र हाथ में लगा है | हे परमात्मा ! आप तो सारा का सारा मुझ में नहीं समा सकते हैं पर मैं तो सारा का सारा आपमें लीन हो सकता हूँ | ईश्वर की खोज में भटकते सुकरात को ज्ञान देना था तो भगवान उस बालक में समा गए | सुकरात का सारा अभिमान ध्वस्त कराया | जिस सुकरात से मिलने के सम्राट समय लेते थे वह सुकरात एक बच्चे के चरणों में लोट गए थे ईश्वर जब आपको अपनी शरण में लेते हैं तब आपके अंदर का "मैं " सबसे पहले मिटता है | या यूँ कहें जब आपके अंदर का "मैं" मिटता है तभी ईश्वर की कृपा होती है

इस छोटे से गांव में बनती है कैन्सर की चमत्कारी दवाँ, रोज़ाना देश-विदेश से आते हैं हज़ारों रोगी, इस उपयोगी जानकारी को शेयर कर लोगों का भला करे July 31, 2017 Vedika  आज हम आपको कैन्सर और अन्य बड़े से बड़े और असाध्य रोगों का इलाज करने वाले वैद्य के बारे में बताने जा रहे है। इससे पहले आपसे निवेदन है की इस जानकारी को शेयर कर जनहित में पहुँचाये ताकि लोगों का भला हो वो रोग मुक्त हो जाए, इस जानकारी को पीड़ितों तक पहुँचाने पर लोग आपको आशीर्वाद देंगे और भला हो यही कहेंगे, इस अमूल्य जानकारी को शेयर कर मानवता का फ़र्ज़ निभाए। हम बात कर रहे है कान्हावाडी गांव की। कान्हावाडी गांव जिला बेतुल यहाँ पर केन्सर का कारगर इलाज होता है और भी बहुत सारी बीमारिया ठीक होती है वैद्य बाबूलाल पूरा पता बेतुल जिला से 35 km घोडाडोंगरीऔर वहाँ से कान्हावाडी 3km दूर है। मिलने का समय रविवार और मंगलवार सुबह 8 बजे से पर वहा पे नंबर बहुत लगते है इसलिये अगले दिन रात को जाना पड़ता है। वैसे तो बैतूल जिले की ख्याति वैसे तो सतपुड़ा के जंगलों की वजह से है, लेकिन यहां के जंगलों में कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी को खत्म कर देने वाली बहुमूल्य जड़ी-बूटियां मिलने से भी यह देश-विदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। दवा लेने के लिए यहां बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के ग्राम कान्हावाड़ी में रहने वाले भगत बाबूलाल पिछले कई सालों से जड़ी-बूटी एवं औषधियों के द्वारा कैंसर जैसी बीमारी से लोगों को छुटकारा दिलाने में लगे हुए हैं। इस नेक कार्य के बदले में लोगों से वे एक रुपए तक नहीं लेते हैं। कैंसर बीमारी से निजात के लिए देश भर से लोग यहां अपना इलाज कराने आते हैं। चूंकि मरीजों को उनकी दवा से फायदा पहुंचता है इसलिए उनके यहां प्रत्येक रविवार एवं मंगलवार को दिखाने वालों का ताता लगा रहता है। पूरा पता : NAME : Bhagat Babu Lal  VILLAGE  : Kanhavadi DISTRICT : Betul (Kanhavadi 35 KM Away From Betul) TEHSIL : Ghoradongri (Kanhavadi 3 KM Away From Ghoradongri) STATE : Madhya Pradesh  आपको एक दिन पहले से लगाना पड़ता है नंबर क्यूँकि यहाँ प्रतिदिन हज़ारों लोग आते है : कान्हावाड़ी में इलाज के लिए बाहर से आने वाले लोगों को एक दिन पहले नंबर लगाना पड़ता है। एक दिन में करीब 1000 से ऊपर मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। खासकर महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए यहां एक दिन पहले ही रात में आ जाते हैं। सुबह से नंबर लगाकर अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ता है। कई बार भीड़ अधिक होने के कारण पांच से छह तक लग जाते हैं। बताया गया कि मुम्बई, लखनऊ, भोपाल, दिल्ली सहित देश भर से लोग जिन्हें पता लगता है वे यहां कैंसरे से छुटकारे की आस लेकर पहुंचते हैं। वैसे अभी तक यह सुनने में नहीं आया कि यहां से इलाज कराने के बाद मायूस लौटा हो। यहीं कारण है कि बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं। आपको जड़ी-बूटी के इलाज के साथ परहेज भी करना होगा : भगत बाबूलाल जो जड़ी-बूटी देते हैं उसका असर परहेज करने पर ही होता है। जड़ी-बूटियों से इलाज के दौरान मांस-मदिरा सहित अन्य प्रकार की सब्जियां प्रतिबंधित कर दी जाती है। जिसका कड़ाई से पालन करना होता है। तभी इन जड़ी-बूटी दवाईयों का असर होता है। वैसे जिन लोगों ने नियमों का परिपालन कर दवाओं का सेवन किया हैं उन्हें काफी हद तक इससे छुटकारा मिला है। बताया गया कि भगत बाबूलाल सुबह से शाम तक खड़े रहकर ही मरीजों को देखते हैं। इलाज के मामले में वे इतने सिद्धहस्त हो चुके हैं कि नाड़ी पकड़कर ही मर्ज और उसका इलाज बता देते हैं। सुचना : ये पोस्ट जनहित में जारी की गई है, कृपया लोगों तक पहचाएँ भला होगा।     यह पौधा पेट की लटकती चर्बी, सड़े हुए दाँत, गठिया, आस्थमा, बवासीर, मोटापा, गंजापन, किडनी आदि 20 रोगों के लिए किसी वरदान से कम नही     इस पोस्ट में दी गयी जानकारी आपको अच्छी और लाभकारी लगी हो तो कृपया लाईक और शेयर जरूर कीजियेगा । आपके एक शेयर से किसी जरूरतमंद तक सही जानकारी पहुँच सकती है । स्वास्थ्य सम्बन्धी किसी समस्या के लिए आप हमें इस पते पर ईमेल कर सकते हैं : SimpleNuskheEmail@gmail.com . अगर अंग्रेजी डाक्टर ने कह दिया हो की आपरेशन ही एकमात्र उपाय है या कोई दवा हमेंशा खानी होगी तो एक बार हमसे संपर्क जरुर करें ये प्रसिद्ध उपाय कैल्शियम और आयरन का ख़ज़ाना है, झट-पट ख़ून बढ़ाएँ, मर्दाना ताक़त, क़ब्ज़, लकवा, साइनस इत्यादी में इसके 10 अद्भुत फ़ायदे Share this:

*मंदिर शिकायत लेकर मत जाना । क्योंकि जो शिकायत लेकर गया वह मंदिर कभी पहुंचता ही नहीं । शिकायत लेकर परमात्मा के पास जाने की कोशिश मत करना , क्योंकि शिकायत परमात्मा से दूर ले जाने की व्यवस्था है । मांगने उसके द्वार पर जाना मत , क्योंकि मांगने का अर्थ ही है कि अभी धन्यवाद देने का क्षण नहीं आया , अभी और चाहिए ।लाओत्से कहता है , यह कैसे होता है कि तुम्हारे जीवन में ही मौत पनप जाती है । यह ऐसे होता है कि तुम और-और-और मांगते चले जाते हो ।* "बिकाज ऑफ दि इनटेंस एक्टिविटी ऑफ मल्टीप्लाइंग लाइफ.....!" *तुम और ज्यादा करना चाहते हो, और ज्यादा करना चाहते हो । कितना ही मिल जाए , तृप्ति नहीं होती......!!

Listen to the song 'Is Duniya Mein' on Saavn at https://www.saavn.com/s/song/english/Raaste-Ka-Patthar/Is-Duniya-Mein/KDsfehodWkY?referrer=svn_source=share&svn_medium=com.google.android.apps.blogger

*यहां सब सपने ही सपने हैं । जिसको यह दिखायी पड़ गया कि बाहर कुछ भी नहीं है , वही अंतर की खोज पर निकलता है । बाहर से हारा हुआ ही भीतर जाता है । हारे को हरिनाम ! इसलिए हार बड़ा सौभाग्य है , जीत बड़ी महंगी पड़ती है । इस दुनिया में जो सफल हो जाते हैं , वे चूक जाते हैं । इस दुनिया में सफल होना महंगा सौदा है । धन मिल गया , पद मिल गया , प्रतिष्ठा मिल गयी , इतरा गये , अकड़ गये , मदमस्त हो गये — चूक गये.....!* *धन्य हैं वे जो हार जाते हैं ; जिन्हें न पद न प्रतिष्ठा न सफलता — कुछ भी नहीं मिलता । धन्य हैं वे , अगर समझ पायें तो । अगर अपनी धन्यता को पहचान पायें तो । अगर देख पायें कि कुछ भी नहीं मिलता । सब घरौंदे फूट जाते हैं । जिनको ऐसा दिखायी पड़ जाये , उनके जीवन में क्रांति का अपूर्व क्षण आ गया......!!

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Bhut hi pyara msg👌👌👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻 💮💮💮💮 काबू में रखें - प्रार्थना के वक़्त अपने दिल को, काबू में रखें - खाना खाते समय पेट को, काबू में रखें - किसी के घर जाएं तो आँखों को, काबू में रखें - महफ़िल मे जाएं तो ज़बान को, काबू में रखें - पराया धन देखें तो लालच को, 💮💮💮 भूल जाएं - अपनी नेकियों को, भूल जाएं - दूसरों की गलतियों को, भूल जाएं - अतीत के कड़वे संस्मरणों को, 💮💮💮 छोड दें - दूसरों को नीचा दिखाना, छोड दें - दूसरों की सफलता से जलना, छोड दें - दूसरों के धन की चाह रखना, छोड दें - दूसरों की चुगली करना, छोड दें - दूसरों की सफलता पर दुखी होना, 💮💮💮💮 यदि आपके फ्रिज में खाना है, बदन पर कपड़े हैं, घर के ऊपर छत है और सोने के लिये जगह है, तो दुनिया के 75% लोगों से ज्यादा धनी हैं यदि आपके पर्स में पैसे हैं और आप कुछ बदलाव के लिये कही भी जा सकते हैं जहाँ आप जाना चाहते हैं तो आप दुनिया के 18% धनी लोगों में शामिल हैं यदि आप आज पूर्णतः स्वस्थ होकर जीवित हैं तो आप उन लाखों लोगों की तुलना में खुशनसीब हैं जो इस हफ्ते जी भी न पायें जीवन के मायने दुःखों की शिकायत करने में नहीं हैं बल्कि हमारे निर्माता को धन्यवाद करने के अन्य हजारों कारणों में है!!! यदि आप मैसेज को वाकइ पढ़ सकते हैं और समझ सकते हैं तो आप उन करोड़ों लोगों में खुशनसीब हैं जो देख नहीं सकते और पढ़ नहीं सकते अगर आपको यह सन्देश बार बार मिले तो परेशान होनेकी बजाय आपको खुश होना चाहिए ! धन्यवाद... मैंने भेज दिया अब आपकी बाऱी है । 👌:: *एक खूबसूरत सोच* ::👌: अगर कोई पूछे कि जिंदगी में क्या खोया और क्या पाया ? .... .... तो बेशक कहना, जो कुछ खोया वो मेरी नादानी थी और जो भी पाया वो प्रभू की मेहेरबानी थी। क्या खुबसूरत रिश्ता है मेरे और मेरे भगवान के बीच में, ज्यादा मैं मांगता नहीं और कम वो देता नहीं...✍”॥ ▁▂▄▅▆▇██▇▆▅▄▂▁ ☄जीवन के तीन मंत्र☄ ☄ *आनंद में - वचन मत दीजिये* ☄ *क्रोध में - उत्तर मत दीजिये* ☄ *दुःख में - निर्णय मत लीजिये* 💐💎 जीवन मंत्र 💎💐 १) धीरे बोलिये 👉 शांति मिलेगी २) अहम छोड़िये 👉 बड़े बनेंगे ३) भक्ति कीजिए 👉 मुक्ति मिलेगी ४) विचार कीजिए 👉 ज्ञान मिलेगा ५) सेवा कीजिए 👉 शक्ति मिलेगी ६) सहन कीजिए 👉 देवत्व मिलेगा ७) संतोषी बनिए 👉 सुख मिलेगा "इतना छोटा कद रखिए कि सभी आपके साथ बैठ सकें। और इतना बड़ा मन रखिए कि जब आप खड़े हो जाऐं, तो कोई बैठा न रह सके।" 👌 शानदार बात👌 झाड़ू जब तक एक सूत्र में बँधी होती है, तब तक वह "कचरा" साफ करती है। लेकिन वही झाड़ू जब बिखर जाती है, तो खुद कचरा हो जाती है। इस लिये, हमेशा संगठन से बंधे रहें , बिखर कर कचरा न बनें। acha lage to share jarur kare