Skip to main content
*मंदिर शिकायत लेकर मत जाना । क्योंकि जो शिकायत लेकर गया वह मंदिर कभी पहुंचता ही नहीं । शिकायत लेकर परमात्मा के पास जाने की कोशिश मत करना , क्योंकि शिकायत परमात्मा से दूर ले जाने की व्यवस्था है । मांगने उसके द्वार पर जाना मत , क्योंकि मांगने का अर्थ ही है कि अभी धन्यवाद देने का क्षण नहीं आया , अभी और चाहिए ।लाओत्से कहता है , यह कैसे होता है कि तुम्हारे जीवन में ही मौत पनप जाती है । यह ऐसे होता है कि तुम और-और-और मांगते चले जाते हो ।*
"बिकाज ऑफ दि इनटेंस एक्टिविटी ऑफ मल्टीप्लाइंग लाइफ.....!"
*तुम और ज्यादा करना चाहते हो, और ज्यादा करना चाहते हो । कितना ही मिल जाए , तृप्ति नहीं होती......!!
Popular posts from this blog
Comments
Post a Comment