Skip to main content
कठोर व्यक्ति उस नारियल के समान हैं जिसे वक्त रहते फूट जाना चाहिए नहीं तो वो अंदर ही अंदर सड़ जाएगा ...जैसे समय पर नारियल फूटने पर मीठा रसीला होता हैं वैसे ही मनुष्य अपने अंदर ही अंदर दुःख , पीड़ा , दर्द कॊ जमा करता रहेगा तो वो ऊपर सें तो स्वस्थ दिखेगा किन्तु अंदर ही अंदर सड़ जाएगा अतः समय रहते उसे अपना जहर बाहर निकाल देना चाहिए जिससे वो आगे फ़िर वो नरम रहे सड़ने की अपेक्षा ....॥
Popular posts from this blog
Comments
Post a Comment