*दशहरा...* दशहरे के दिन रावण के पुतले सभी जलाते हैं। ज़ोर शोर से सभी राम की जय जयकार बुलाते हैं। रावण को धिक्कार रहे पर अनुसरण उसका करते। जिस मारग पर चला था रावण उसी रास्ते पग धरते। रावण का प्रतीक जलाना सफल तभी कहलायेगा। मन में जो अभिमान का रावण बैठा जब जल जायेगा। राम की जय जय कार तभी है राम के गुण जो अपनाओ। दया धर्म को मन में धारो प्रेम सभी पर बरसाओ। प्रभु राम की तरह हमेशा मर्यादा में रहना है। हरदम ही रसना से अपनी मधुर वचन ही कहना है। रोम रोम में राम बसेगा राम राज्य आ जायेगा। सत्य यही है ब्रह्मज्ञान से जग सारा सुख पायेगा | Happy Dushehra ! 🙏🏻 🙏🏻

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