बुद्ध जिस धर्म में पैदा हुए उन्होंने उसे नहीं माना बगावत करी और फिर जो कहा वह नया धर्म बना, जीसस जिस धर्म में पैदा हुए उन्होंने उसे नहीं माना बगावत करी और फिर जो कहा वह नया धर्म बना, नानक जिस धर्म में पैदा हुए उन्होंने उसे नहीं माना बगावत करी और फिर जो कहा वह नया धर्म बना, मुहम्मद जिस धर्म में पैदा हुए उन्होंने उसे नहीं माना बगावत करी और फिर जो कहा वह नया धर्म बना, इसलिए अपने धर्म के आलोचकों को अपने धर्म का दुश्मन मत समझिए, यह बागी लोग ही असली धार्मिक लोग हैं बाकी चुपचाप पुरानी बात मान कर ज़िन्दगी भर सर झुका कर ज़िन्दगी बिताने वाले तो डरपोक अनुयायी होते हैं, ये डरपोक अनुयायी दुनिया में कोई बदलाव नहीं ला पाते, असली धार्मिक बनिये सत्य की खोज करिए, आपका अपना खोजा हुआ सत्य ही आपके काम का है दुसरे का सत्य उसके लिए था, ताज़ी नज़र और ताज़ी बुद्घि से दुनिया को देखिये, ज़िन्दगी का मज़ा ना आये तो बताइयेगा,

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