"हिम्मते मर्दा मददे खुदा" जो अपनी मदद खुद करना जानता है, खुदा भी उसकी मदद करता है। इसलिए जीवन में आने वाली परेशानियों से न घबराते हुए उसका हल खोजते रहना चाहिए। हर नई सुबह एक नई आशा लेकर आती है। हर नया दिन आपको एक उम्मीद जगाता है कि उठो और चल पड़ो बिना इसकी चिंता किए कि परिणाम क्या होगा। जीत गए तो भी ठीक और हार गए तो हार के कारणों का अनुभव। किसी शायर का एक शेर है: "चरण चूम लेती है चल करके मंजिल। मुसाफिर अगर अपनी हिम्मत न हारे। । "

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