आत्मा और मन दो अलग-अलग चीजें होती है। आत्मा एक होती है, आत्मा अमर होता है। और मन हमेशा विचलित रहती है। आत्मा स्थिर होती है मन विचलित रहता है। मन अभी कुछ दूसरा सोचेगा और कुछ समय पर दूसरा सोचने लगता है। मन कभी स्थिर नहीं रहता मन चंचल होती है और आत्मा सदैव स्थिर रहती है। वह कभी भी कहीं भी नहीं जाता आत्मा तब कहीं जाता है जब वह शरीर को त्याग करता है। जब वह मृतक के शरीर को छोड़ता है तब आत्मा मुक्त होती है और मन हमेशा कहीं ना कहीं भटकते रहता है। उदाहरण के तौर पर हम ले सकते हैं एक समय पर हमें कहीं दूसरी जगह जाने का मन होता है, तो कहीं कुछ खाने का मन, तो कहीं कुछ खरीदने का मन। मन विचलित होता है वह स्थाई रूप में एक जगह पर टिकने वाला नहीं है। परंतु आत्मा एक व्यक्ति के अंदर उसके पूर्ण जीवन काल तक चलता है उसके मरने के बाद आत्मा उसके शरीर को छोड़कर मुक्त होती है। मेरे हिसाब से आत्मा और मन दो अलग-अलग चीजें होती है।

Comments

Popular posts from this blog

मुफ़्त खोरी