राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे को देश भक्त बताने वाले लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में पहुँच गये और हम सब मूकदर्शक बन कर देखते रहें ये वक़्त देश की जनता के लिये आत्मअवलोकन का है।

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