"रघुकुल रीत सदा चली आयी प्राण जाए पर वचन ना जाई" अर्थात भगवान श्रीराम के वंश रघुकुल व स्वयं भगवान श्रीराम का यही प्रण व लोगो को संदेश था कि जो वादा करो उसे प्राणों की कीमत पर भी पूरा करो;असत भाषण से दूर रहो। पता नही आज के कथित रामभक्त इस संदेश का कितना पालन करते है?

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