*धोबी की कपड़ों से कोई दुश्मनी नही होती, वो कपड़ों को पत्थर पे मारता है* *डंडा भी मरता है पर उन्हें बड़ी साफ जगह पे बिछाता है जानते हो क्यूँ* *क्योंकि उसे कपड़ो से मेल निकालनी होती है जब मेल निकल जाती है तो कपड़ों को बड़े प्यार से तह लगाकर रखता है* *ठीक इसी तरह सतगुरु भी हमे नाम देते है, जप भई जप, सेवा, सत्संग, सुमिरण कर,* *संतो की सेवा कर,* *थोड़ा कष्ट तो होगा,* *पर तेरे अंदर से मेल निकल जायेगी,* *एक नेक इंसान बन जायेगा, सभी को अच्छा लगने लगेगा,* *सतगुरु की आँख का तारा बन जायेगा,* *सतगुरु का प्यारा गुरुमुख बन जायेगा,* *गुरु का नाम जपते रहो, तेरा सब काम हो जाएगा,* *काम करेगा जप प्रभाव, और नाम तेरा हो जायेगा.....!!* 🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹

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