सूफी संत मिशन के 10 सिद्धांत 1. मानवता या आदमियत ही एकमात्र सच्चा धर्म है। 2. मानवता या आदमियत का आदर,सम्मान और सेवा एकमात्र सच्ची पूजा है। 3.आत्मबोध-आत्मज्ञान ही एकमात्र सच्ची मुक्ति या नजात है। 4. स्वंय को जानना परमात्मा को जानना है,चूंकि स्वंय से अलग कोई परमात्मा नही है।जैसे- फल से अलग कोई बीज नही है। 5. आत्मा ही परमात्मा,रूह ही खुदा,आत्मा ही सतनाम या soul ही god है,जिससे संसार प्रकट या जाहिर हुआ और उसकी ज्योति सर्वव्यापी और कण कण में है,जैसे- बीज से पेड़ प्रकट या जाहिर है और उसके कण कण में बीज की ज्योति या नूर मौजूद है। जात तेरी पाक है,हर नापाक को लेकर हम कैसे नापाक हैं,तेरी जात को लेकर। 6. मानवता या आदमियत के प्रति अहंकार,नफरत का परित्याग करना और निःस्वार्थ सेवा करने को कुर्बानी या बलिदान कहते हैं। 7. मरने के बाद मनुष्य ,मनुष्य शरीर मे ही जन्म लेगा। जैसे- शेर का बच्चा शेर, घोड़ा का बच्चा घोड़ा और फल से फल और फूल से फूल ही होगा।ये प्रकीर्ति या कुदरत का नियम है।क्योंकि जो जिस योनि से गया है, उसी योनि में आकर अपने कर्मो को भोगेगा। 8. मानव या आदमी के अंदर तमाम योनियां या मख़लूक़ात है जो अपने कर्मो से पहचाना जाता है कि वो किस योनि में थे और है। 9. प्राणी परमात्मा का परिवार है,प्राणी से प्रेम परमात्मा से प्रेम है, चूंकि प्राणी से अलग परमात्मा नही है।पूरा विश्व परमात्मा का रूप है।परंतु धर्म के नाम पर मन्दिर,मस्जिद,गिरजा,गुरुद्वारा,काशी,काबा बना कर सर्वव्यापी परमात्मा को छोटा कर दिया गया है,इसलिए लोगों की बुद्धि और समझ छोटी हो गयी है और विचार छोटे हो गए हैं। 10.तमाम मनुवंशी या औलादे आदम को आत्मा का रूप in समझकर उनकी इज्जत और खिदमत या आदर और सेवा करे और अपने आपको छोटा समझे।

Comments

Popular posts from this blog

मुफ़्त खोरी