*तू मूझे संभालता है, ये तेरा उपकार है मेरे दाता* *वरना तेरी मेहरबानी के लायक मेरी हस्ती कहाँ,* *रोज़ गलती करता हू, तू छुपाता है अपनी बरकत से,* *मै मजबूर अपनी आदत से, तू मशहूर अपनी रेहमत से!* *तू वैसा ही है जैसा मैं चाहता हूँ..I* *बस.. मुझे वैसा बना दे जैसा तू चाहता है* 🌹 *शुभ प्रभात* 🌹

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