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1,, परमशक्ति रचैता है ,, परमात्मा रचना है
2,,परमशक्ति पूरी सृष्टि की मालिक है ,,जबकि परमात्मा को परमशक्ति एक दुनिया के लिए नियुक्त करती है ।
,3 परमशक्ति किसी को कुछ भी इक्षा मात्र से दे सकती है ,,किसी से इजाजत की जरूरत नहीं है ।।।जबकि परमात्मा को परमशक्ति से विनती करनी पड़ती है किसी को कुछ देने के लिए।।
4 ,,परमशक्ति पूर्ण है ,,परमात्मा पूर्ण नहीं ।। परमशक्ति किसी की पूजा नहीं करते ,जबकि परमात्मा परमशक्ति की पूजा करते है ।।
5 ,परमशक्ति सर्वज्ञ ,सर्वव्यापक ,सर्वशक्तिमान है ,, परमात्मा के अंदर ये गुण नहीं है,,,।।।
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