चूहा अगर पत्थर का हो तो सब उसे पूजते हैं मगर जिन्दा हो तो मारे बिना चैन नहीं लेते हैं.. साँप अगर पत्थर का हो तो सब उसे पूजते हैं मगर जिन्दा हो तो उसी वक़्त मार देते हैं.. माँ बाप अगर तस्वीरों में हो तो सब पूजते हैं, मगर जिन्दा है तो कीमत नहीं समझते। बस यही समझ नहीं आता कि ज़िन्दगी से इतनी नफरत क्यों और पत्थरों से इतनी मोहब्बत क्यों.. *जिस तरह लोग मुर्दे इंसान को कंधा देना पुण्य समझते हैं​* *_काश इस तरह ज़िन्दा इंसान को सहारा देंना पुण्य समझने लगे तो ज़िन्दगी आसान हो जायेगी​_* *एक बार जरूर सोचिए ..* *सुप्रभात!* *_आपका दिन शुभ हो।_*

Comments

Popular posts from this blog

मुफ़्त खोरी