. *((((( "एक सुन्दर ~ प्रसंग" )))))* :: *एक बच्चा जला देने वाली गर्मी में नंगे पैर* *गुलदस्ते बेच रहा था..* :: *लोग उसमे भी मोलभाव कर रहे थे..* :: *एक सज्जन को उसके पैर देखकर बहुत* *दुःख हुआ, सज्जन ने बाज़ार से नया जूता* *ख़रीदा और उसे देते हुए कहा :: "बेटा लो,* *ये जूता पहन लो..!!"* :: *लड़के ने फ़ौरन जूते निकाले* *और पहन लिए..* :: *उसका चेहरा ख़ुशी से दमक उठा था..* *वो उस सज्जन की तरफ़ पलट*ा- *और हाथ थाम कर पूछा : "आप भगवान हैं..??* :: *"उसने घबरा कर हाथ छुड़ाया और कानों को* *हाथ लगा कर कहा ~ "नहीं *बेटा, नहीं..* *मैं भगवान नहीं..!!"* :: *लड़का फिर मुस्कराया और कहा,* *तो फिर ज़रूर भगवान के दोस्त होंगे..??* :: *क्योंकि मैंने कल रात भगवान से कहा था कि* *मुझे नये जूते दे दें...* :: *वो सज्जन मुस्कुरा दिया और उसके माथे को* *प्यार से चूमकर अपने घर की तरफ़ चल पड़ा..!!* :: *अब वो सज्जन भी जान चुके थे कि भगवान का* *दोस्त होना कोई मुश्किल काम नहीं..!!* *खुशियाँ बाटने से मिलती है ~ मंदिर में नहीं..!!

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