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ये जुमलों का छ्क्का देते हैं ठेल
इनको देख रोते हैं क्रिस गेल
वाणी कर्म में न कोई मेल
डेमोक्रेसी इज़ ऑन सेल
फैला रहे घृणा की विष-बेल
दलितों की निकाली जा रही नेल
चल रही है इतनी लेट रेल
बेच रहे ये ख़ूब महँगा तेल
पब्लिक फिर भी रही है झेल
पर समझ रही है पूरा खेल
2019 में वो देगी धकेल..
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