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प्रातः वन्दन
जय श्री मदन जी
वातावरण में माध्यम हैं बनाये
अपने ही बारे में जो ज्ञान कराए
मैं सर्वज्ञ और त्रिकालदर्शी हूँ
जरूरी सच का वोध कराए
समाज रह सके व्यवस्थित
ऐसे कुछ नियम भी बनाये
मानव मानव को मानव समझे
इसीलिये समुदाय ज्ञान कराए
प्रेम तत्व से बाँधा आपस में
उपयोगिता भी सिध्द कराए
आदम से चलवासी तक
मानव सभ्यता कई चरण बनाये
कोई न् कोई अदृश्य शक्ति है
सर्वप्रथम ये वोध कराए
इन पावन चरणों नित हम
श्रध्दा प्रेम से शीश झुकायें
🙏👏🙏👏🙏👏🙏👏🙏
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