Home Page...होम पेज राजनीतिसमाजकैंपससंस्कृतिआंदोलनविविधविमर्शजनज्वार विशेषब्लॉगपोस्ट 7.5kShares  Last Update : 18 02 2018 07:58:53 AM नया खुलासा : पंजाब नेशनल बैंक से भी बड़ी लूट गुजरात में, 5 पूंजीपतियों ने किया 26 हजार 500 करोड़ का नया बैंक घोटाला गुजरात के प्रमुख दैनिक का खुलासा, विजय माल्या और नीरव मोदी से भी बडे-बड़े लुटेरे भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात में व्यापारियों के नाम तो नहीं हुए उजागर, लेकिन फर्म्स का नाम आया सामने न खाऊंगा न खाने दूंगा की कसम खाने वाले प्रधामनंत्री के अपने राज्य में बैंकों के घोटाले बताते हैं मोदी की सच्चाई जनज्वार। गुजरात के एक गुजराती दैनिक गुजरात समाचार में छपी खबर के अनुसार गुजरात के बैंकों में हुआ एक महाघोटाला सामने आया है जो नीरव मोदी और विजय माल्या द्वारा लूटे गए क्रमशः 11360 करोड़ और 9 सौ करोड़ से भी ज्यादा है। यह भी पढ़ें — खुलासा : प्रधानमंत्री मोदी से दाओस में हुई थी भगोड़े नीरव मोदी की गुप्त मुलाकात माना जा रहा है कि यह घोटाला उसी समय शुरू हो गया था जब वहां मोदी मुख्यमंत्री थे। हालांकि अभी इसे पुख्ता तौर पर सूत्र नहीं बता पा रहे हैं। मगर यह सामने जरूर आया है कि इसमें 26501 करोड़ के लोन का स्कैम हुआ है। संबंधित खबर : कांग्रेस के समय नहीं पिछले साल मोदी सरकार में मिला नीरव मोदी को 11 हजार करोड़ का लोन महाघोटाले में शामिल कंपनियां और लोन की रकम कंपनी लोन की रकमकैमरॉक  1651 करोड़सांडेसारा ग्रुप17500 करोड़जे सीटी कंपनी का थापर ग्रुप 4000 करोड़डायमण्ड पावर 3000 करोड़मुक्त ज्वेलर्स350 करोड़ बीस हजार करोड़ से भी ज्यादा यानी छब्बीस हजार 501 करोड़ का लोन लेकर गबन करने वालों में कैमराक, साडेसरा, जे सीटी कंपनी का थापर ग्रुप, डायमंड पावर और मुक्त ज्वैलर्स शामिल हैं। संबंधित खबर : देखती रह गयी मोदी सरकार, विजय माल्या के बाद अब नीरव मोदी भी भाग गया देश छोड़कर हालांकि सांडेसारा ग्रुप के बैंक स्कैम की छुटपुट खबरें पहले भी मीडिया में आ चुकी हैं, मगर यह घोटाला इस स्तर पर होगा इसका किसी को अंदाजा भी नहीं होगा। गुजरात समाचार ने अपनी खबर में अकेले सांडेसारा ग्रुप को 17500 रुपए के बैंक स्कैम में आरोपी बनाया है। ये भी पढ़ें — फेंकूलॉजी : देश चाह रहा नीरव मोदी पर चर्चा लेकिन मोदी कर रहे परीक्षा पर परिचर्चा अब रोटोमैक कंपनी का मालिक भी 500 करोड़ लोन लेकर हुआ फरार इसी बीच एक और बड़ी खबर आ रही है कि रोटोमैक पेन कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी ने जिसने सबसे अधिक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से 485 करोड़ का लोन लिया है वह फरार हो गया है। उसने इलाहाबाद बैंक से भी 352 करोड़ का कर्ज लिया था।  मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक कानपुर स्थित रोटोमैक पेन कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी ने 5 सरकारी बैंकों से 500 करोड़ से भी ज्यादा का लोन लिया हुआ है। इनमें इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं, जिन्होंने नियम-कानूनों को ताक पर रखकर विक्रम कोठारी को इतनी बड़ी रकम लोन दी है। (फोटो : बैंक घोटाले में सबसे बड़ी रकम का गबन करने वाली सांडेसारा कंपनी के प्रमुख चेतन जयंतीलाल सांडेसारा और प्रधानमंत्री मोदी) संबंधित खबर : ये रहे वो 30 बैंक जिनके पैसे लेकर भाग गया नीरव मोदी जनपक्षधर पत्रकारिता को सक्षम और स्वतंत्र बनाने के लिए आर्थिक सहयोगदें। जनज्वार किसी भी ऐसे स्रोत से आर्थिक मदद नहीं लेता जो संपादकीय स्वतंत्रता को बाधित करे। 7.5kShares  Posted On : 17 02 2018 09:05:07 PM जनज्वार विशेष   नया खुलासा : पंजाब नेशनल बैंक से भी बड़ी लूट गुजरात में, 5 पूंजीपतियों ने किया 26 हजार 500 करोड़ का नया बैंक घोटाला... गुजरात के प्रमुख दैनिक का खुलासा, विजय माल्या और नीरव मोदी से भी बडे-बड़े लुटेरे भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात ...  खुलासा : प्रधानमंत्री मोदी से दाओस में हुई थी भगोड़े नीरव मोदी की गुप्त मुलाकात... पत्रकार का दावा नीरव मोदी और उसके भाई की पीएम मोदी के साथ हुई थी दाओस में गुप्त बैठक, ...  एक तरफ सनम का प्यार और दूसरी ओर पहरा... भारतीय संस्कृति के पुजारियों को वेलेंटाइन के प्रति श्रद्धा रखने वाले खतरनाक 'जीव' नजर आते हैं। आखिर वेलेंटाइन से ...  डॉक्टरों के लिए गरीब हुए मूली—गाजर, हर 3 मिनट में एक नसबंदी करके 101 का टारगेट किया पूरा... जिस हाल में महिलाएं बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद भीषण ठंडी में बरामदे में पड़ीं थी, उसे देखकर कोई भी महिला ...  मेरे घर वाले नौकरी नहीं करने देते कि मैं किसी के साथ भाग जाउंगी... जयेश को बीवी नहीं एक वेश्या और नौकरानी की जरूरत थी, जो रात को उसके सेक्स की भूख को ... जनज्वार चैनल RECENTPOPULAR  इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के दलित छात्र के हत्यारों के बचाव में लगे भाजपा नेता...  थिएटर के नाम पर थिएटर ओलम्पिक जैसे भद्दे मज़ाक करती सत्ता...  भूल मत तू है औरत, तेरा हँसना मना है...  2410 रुपए का उम्मीदवार पांचवीं बार बनेगा मुख्यमंत्री!...  नया खुलासा : पंजाब नेशनल बैंक से भी बड़ी लूट गुजरात में, 5 पूंजीपतियों ने किया 26 हजार 500 करोड़ का नया बैंक घोटाला... 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🌷 *राष्ट्रकवि श्री रामधारी सिंह दिनकर*🌷 ♨ *।। कोई अर्थ नहीं।।* ♨ नित जीवन के संघर्षों से जब टूट चुका हो अन्तर्मन, तब सुख के मिले समन्दर का *रह जाता कोई अर्थ नहीं*।। जब फसल सूख कर जल के बिन तिनका -तिनका बन गिर जाये, फिर होने वाली वर्षा का *रह जाता कोई अर्थ नहीं।।* सम्बन्ध कोई भी हों लेकिन यदि दुःख में साथ न दें अपना, फिर सुख में उन सम्बन्धों का *रह जाता कोई अर्थ नहीं।।* छोटी-छोटी खुशियों के क्षण निकले जाते हैं रोज़ जहाँ, फिर सुख की नित्य प्रतीक्षा का *रह जाता कोई अर्थ नहीं।।* मन कटुवाणी से आहत हो भीतर तक छलनी हो जाये, फिर बाद कहे प्रिय वचनों का *रह जाता कोई अर्थ नहीं।।* सुख-साधन चाहे जितने हों पर काया रोगों का घर हो, फिर उन अगनित सुविधाओं का *रह जाता कोई अर्थ नहीं।।* :::बहुत सुंदर मार्मिक ह्रदयस्पर्शी कविता

🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀 *🔥सबसे ऊँची प्रार्थना🔥* *एक व्यक्ति जो मृत्यु के करीब था, मृत्यु से पहले अपने बेटे को चाँदी के सिक्कों से भरा थैला देता है और बताता है की "जब भी इस थैले से चाँदी के सिक्के खत्म हो जाएँ तो मैं तुम्हें एक प्रार्थना बताता हूँ, उसे दोहराने से चाँदी के सिक्के फिर से भरने लग जाएँगे । उसने बेटे के कान में चार शब्दों की प्रार्थना कही और वह मर गया । अब बेटा चाँदी के सिक्कों से भरा थैला पाकर आनंदित हो उठा और उसे खर्च करने में लग गया । वह थैला इतना बड़ा था की उसे खर्च करने में कई साल बीत गए, इस बीच वह प्रार्थना भूल गया । जब थैला खत्म होने को आया तब उसे याद आया कि "अरे! वह चार शब्दों की प्रार्थना क्या थी ।" उसने बहुत याद किया, उसे याद ही नहीं आया ।अब वह लोगों से पूँछने लगा । पहले पड़ोसी से पूछता है की "ऐसी कोई प्रार्थना तुम जानते हो क्या, जिसमें चार शब्द हैं । पड़ोसी ने कहा, "हाँ, एक चार शब्दों की प्रार्थना मुझे मालूम है, "ईश्वर मेरी मदद करो ।" उसने सुना और उसे लगा की ये वे शब्द नहीं थे, कुछ अलग थे । कुछ सुना होता है तो हमें जाना-पहचाना सा लगता है । फिर भी उसने वह शब्द बहुत बार दोहराए, लेकिन चाँदी के सिक्के नहीं बढ़े तो वह बहुत दुःखी हुआ । फिर एक फादर से मिला, उन्होंने बताया की "ईश्वर तुम महान हो" ये चार शब्दों की प्रार्थना हो सकती है, मगर इसके दोहराने से भी थैला नहीं भरा । वह एक नेता से मिला, उसने कहा "ईश्वर को वोट दो" यह प्रार्थना भी कारगर साबित नहीं हुई । वह बहुत उदास हुआ उसने सभी से मिलकर देखा मगर उसे वह प्रार्थना नहीं मिली, जो पिताजी ने बताई थी । वह उदास होकर घर में बैठा हुआ था तब एक भिखारी उसके दरवाजे पर आया । उसने कहा, "सुबह से कुछ नहीं खाया, खाने के लिए कुछ हो तो दो ।" उस लड़के ने बचा हुआ खाना भिखारी को दे दिया । उस भिखारी ने खाना खाकर बर्तन वापस लौटाया और ईश्वर से प्रार्थना की, *"हे ईश्वर ! तुम्हारा धन्यवाद ।" अचानक वह चौंक पड़ा और चिल्लाया की "अरे! यही तो वह चार शब्द थे ।" उसने वे शब्द दोहराने शुरू किए-"हे ईश्वर तुम्हारा धन्यवाद"........और उसके सिक्के बढ़ते गए... बढ़ते गए... इस तरह उसका पूरा थैला भर गया ।इससे समझें की जब उसने किसी की मदद की तब उसे वह मंत्र फिर से मिल गया । "हे ईश्वर ! तुम्हारा धन्यवाद ।" यही उच्च प्रार्थना है क्योंकि जिस चीज के प्रति हम धन्यवाद देते हैं, वह चीज बढ़ती है । अगर पैसे के लिए धन्यवाद देते हैं तो पैसा बढ़ता है, प्रेम के लिए धन्यवाद देते हैं तो प्रेम बढ़ता है । ईश्वर या गुरूजी के प्रति धन्यवाद के भाव निकलते हैं की ऐसा ज्ञान सुनने तथा पढ़ने का मौका हमें प्राप्त हुआ है । बिना किसी प्रयास से यह ज्ञान हमारे जीवन में उतर रहा है वर्ना ऐसे अनेक लोग हैं, जो झूठी मान्यताओं में जीते हैं और उन्हीं मान्यताओं में ही मरते हैं । मरते वक्त भी उन्हें सत्य का पता नहीं चलता । उसी अंधेरे में जीते हैं, मरते हैं ।* *ऊपर दी गई कहानी से समझें की "हे ईश्वर ! तुम्हारा धन्यवाद" ये चार शब्द, शब्द नहीं प्रार्थना की शक्ति हैं । अगर यह चार शब्द दोहराना किसी के लिए कठिन है तो इसे तीन शब्दों में कह सकते हैं, "ईश्वर तुम्हार धन्यवाद ।" ये तीन शब्द भी ज्यादा लग रहे हों तो दो शब्द कहें, "ईश्वर धन्यवाद !" और दो शब्द भी ज्यादा लग रहे हों तो सिर्फ एक ही शब्द कह सकते हैं, "धन्यवाद ।" आइए, हम सब मिलकर एक साथ धन्यवाद दें उस ईश्वर को, जिसने हमें मनुष्य जन्म दिया और उसमें दी दो बातें - पहली "साँस का चलना" दूसरी "सत्य की प्यास ।" यही प्यास हमें खोजी से भक्त बनाएगी । भक्ति और प्रार्थना से होगा आनंद, परम आनंद, तेज आनंद ।* *सभी को धन्यवाद*🌼🌸🌼 🐄🐄🐄🐄🙏🐄🐄🐄🐄