☘☘☘☘☘☘☘☘☘☘ बदले की भावना न रखो, क्योंकि वह अपने जख्म हरे रख कर खुद को सताती रहती है, बदला नहीं लेना है लेकिन बदलकर दिखाना है,क्योंकि आग को कभी आग नहीं बुझा सकती!!! जय श्री मदन जी ☘☘☘☘☘☘☘☘☘☘

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