*"न नग्न रहने से , न सिर मुंडवाने से , न जटाएं रखने से , न भभूत लगाने से ,न पूजापाठ से, न नदियो मे स्नान करने से और न ईश्वर या किसी देवी देवता का नाम रटने से और न ही कोई कर्मकांड से कोई मनुष्य पवित्र नहीँ हो जाता......!* *जिसमे सत्य है , सदाचार है ,शीलवान है,वही मनुष्य पवित्र है.......!* *"न जाति से, न वंश से , न जन्म, से कोई मनुष्य अपवित्र नही हो जाता !* *जिसमें सत्य नही ,सदाचार नहीं शीलवान नहीं ,वही मनुष्य अपवित्र है !"* *महात्मा बुध्द*

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