*सम्बन्ध को जोड़ना* *एक कला है,* *लेकिन* *"सम्बन्ध को निभाना"* *एक साधना है* *जिंदगी मे हम कितने सही और कितने गलत है, ये सिर्फ दो ही शक्स जानते है..* *"ईश्वर "और अपनी "अंतर-आत्मा"* *और हैरानी की बात है कि दोनों नजर नहीं आते...!* *🌹🙏 सुप्रभात🙏🌹* *आपका दिन मंगलमय हो* 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

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