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गीता में लिखा कि आत्मा अमर है ये कभी मरती नही है ये सिर्फ एक शरीर से दूसरे शरीर मे प्रवेश करती है।
तो कोई ये बता सकता है कि क्या एक आत्मा किसी ब्राह्मण के शरीर से निकल कर किसी शुद्र के शरीर मे प्रवेश करती है क्या ???
या दलित की आत्मा सिर्फ दलित के शरीर ने और ब्राह्मण की आत्मा सिर्फ ब्राह्मण के शरीर मे ???😊😊😊
यदि सभी जीवों में आत्मा है और आत्मा को ही परमात्मा बोला जाता है ( गीता में लिखा है )
अगर आत्मा की कोई जात है तो प्रमाण दीजिये ?? अगर नही दे सकते तो फिर ऊंची जाति और नीची जाति का सवाल कहाँ से आया ???
#जातिवाद ही मानवता के लिये सिर्फ केंसर है।।
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