Skip to main content
देरी के लिये क्षमा
प्रातः वन्दन
जय श्री मदन जी
परम शक्ति ही परब्रह्म है,साकार बने तो शिव औ ब्रह्म है
एक वही पूर्ण है स्वयं मैं,वही मात्र नश्वर है होता
वही अनादि और अनन्त है,जिसका पाया नहीं अंत है
जब जब मैहर या कृपा होती, अमुक शक्ति का आचरण करती
जैसे औलिया का दीवाना,बन सूफी बस् गाये तराना
देवी जिस में प्रकट है होती,लाल चुंदरी ओढ़ है लेती
भैरव यति या हो हनुमंता,स्वभाव भक्त का इष्ट के जैसा
ज्ञान नहीं धर्म ग्रन्थों का,ये ज्ञान है स्वयं श्री मत का
जिसने रची ये सृष्टि सारी,ग्रन्थ लिखे अनुभव आधारी
देव देवी और शक्ति में, अन्तरभेद होते भक्ति में
जिन पर शक्ति कृपा है करती,देव देवी फिर वही कहलाती
कर्ता तो शक्ति ही होती ,जो नर नारी से परे ही रहती
जो युगों युगों के बाद साकार हो,वही शिव ब्रह्म बना हो
महानात्माये ज्ञान तो देती,पर पूर्ण भेद से अनभिज्ञ ही रहती
गूढ़ रहस्य आध्यत्मवाद के,विषय वही परम शक्ति के
खोले प्रशिक्षण केंद्र आद्यात्म का,देती ज्ञान क्रियात्मक ढंग का
धर्म ग्रन्थों से ज्ञान न देती,आदर करो सभी का कहती
परम शक्ति तक जो पहुंचे है,आवाज़
भी उन तक पहुंचे है
जड़ तना शाखाएं होती,पत्ते लताएं फूल फल देती
सबकुछ तो एक चक्र ही होता,जल वाष्प फिर बून्द वह बनता
वायु में नमी छिपी होती है,कारण जो वर्षा का बनती है
एक सर्वोच्च परम शक्ति है,ऋषि मिनियों में जाग्रत होती है
ईश्वर एक शेष अनेक है,जिसके सब मस्तक को टेक है
दांव मानव इतिहास पुराना,शक्ति ने मिटाया असत्य का ताना
शक्ति उपासक जो भी होता,श्रेष्ठ सदा वो ही है रहता
नर नारी से मुक्त वो शक्ति,देती वही सभी को वो मुक्ति
जीव निर्जीव को मान्यता देती,कार्य मगर वो स्वयं ही करती
जो भी धार्मिक गाथाएं,तत्कालीन व्यवस्थाएँ है
नहींसीमित उसमे शक्ति है, बन्धी मात्र भाव भक्ति है
साधु संत और महात्मा,देवी देव और परमात्मा
परमशक्ति सर्वोपरि है,ऊंच नीच से भी ऊपर है
देवी देव भगवान पूजते,परम शक्ति को माथा है टेकते
कर्मफलदाता भाग्यविधाता,सर्वोच्च शक्ति सृष्टि निर्माता
जब वही शक्ति प्रकट है होती,स्वयं भु भी कहलाती
प्रायः तो अदृश्य ही रहती,भक्ति प्रेम में प्रकट है होती
भाग्यशाली शरण जो पाये,हृदय ज्ञान की ज्योति जगाये
कोटि कोटि नमन चरणों मे,नाम तेरा हो सदा वाणी में
ब्रह्म को जाने बने ब्रह्म ज्ञानी,क्षमा करो मेरी नादानी
श्री चरणों मे शीश झुकायें,सदवुद्धि सदमार्ग पाएं
🙏👏🙏👏🙏👏🙏👏🙏
Popular posts from this blog
Comments
Post a Comment