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प्रातःवन्दन
जय श्री मदन जी
अनादि अनन्त शक्ति परम् जो
है निर्देशक सकल सृष्टि की
तथ्य समिष्टि का निहित इसमें
कथा निर्धारित इस रंगमंच की
ऋषि मुनि देवी महात्मा न समझे
भगवानों ने पूजा जिसकी की
लिखे असंख्य है ग्रन्थ जगत में
सर्वोच्च शक्ति हूँ ये पुष्टि है की
सर्वोच्च शक्ति के अतिरिक्त
नहीं अध्यात्म ने चर्चा हैं की
नानक ईसा मूसा कबीरा
एक ही है शक्ति राह यही दी
अकाल पुरुख ओंकार परमेश्वर
अलख निरंजन व्याख्या है कि
है मनुष्य श्रेष्ठ सत्य को जानो
परम सत्य के सत्य को पहचानो
कर्मफलदाता भाग्यविधाता
एक ही करता शक्ति को जानो
मिथ्या फिरके सम्प्रदाय है जो
इससे ऊपर लक्ष्य को मानो
नेककर्म सदव्यवहार को ही
जीवन शिक्षा का सार ही जानो
करो व्यवहार सदा औरों से वही
जो उचित स्वयं को उनसे मानो
रहो आभारी सदा ईश्वर के
अंग संग क्या अहसास को जानो
सकल सृष्टि का एक अभीष्ट है
भिन्न भिन्न कर्ता भ्रम मत मानो
उस शक्ति की अपनी है इच्छा
गहन सत्य के मर्म तुम जानो
अंश उसी का मूक है तुझमें
जाग्रत कर मार्गदर्शन को मानो
एकसमान समझ सभी को
प्यार के महत्व मर्म को भी जानो
सुबह सांझ करो नित ही वन्दना
जन्म सफल तब खुद का मानो
🙏👏🙏👏👏👏👏🙏🙏
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