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आज के वचन
कर्म करे जब जग में प्राणी तो
फल की अपेक्षा करता नहीं ज्ञानी
बहुत उदाहरण है जीवन मे देखो
कृषि वाणिज्य या हो बागवानी
खेल क्षेत्र तकनीकी जगत हो
व्यापार सफलता कृपा वरदानी
कर्मो का फल जो देने वाला है
मूल्यांकन निरीक्षक की मेहरबानी
परम शक्ति ही है कर्मफलदाता
उसकी कृपा प्रसन्नता हम पाएं
अस्तित्व माने सर्वोच्च शक्ति का
नेककर्म सदव्यवहार कर पाएं
कर्म संग करें प्यार और प्रार्थना
निस्वार्थ भाव से प्रीत जगाएं
सफलता का बन्धन ना माने
विश्वास संग बदन ही जाऐं
पूर्व कर्म या पैतृक कर्मो से
विचलित यदि चिन्तन हो जाये
भटके ना वो प्रतिकूलन से
सदमार्ग प्रशस्त करता जाए
तेरा मेरा सम्बन्ध है सतत है
नियमन पालन करता जाए
अटल विश्वास रखो सदा मन मे
मुश्किल पर ये सत्य उपाय
न्यायप्रिये होते हुए दया सागर
सच्चे मन से यदि शीश झुकायें
एक ईश के सच को जाने माने
सदा रज़ा में रहना भी फिर आये
🙏👏🙏
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