Skip to main content
जय श्री मदन जी
अगम्य अगोचर जो कहलाती
सत्य सनातन शाश्वत वो होती
परम शक्ति सर्वोच्च सदा ही
नाम रूप में प्रायः नहीं आती
ज्ञान मगर समय समय पर
सत्य प्रकाश का वो है देती
जिसको खोजे सन्त ऋषि गुरु
योगी मुनि देव और तपस्वी
प्यार ही ईश्वर रूप कहलाये
न्याय सत्य में प्रमाणित होती
मधुर हो वाणी भद्र हो भाषा
सदव्यवहार का ज्ञान वो देती
मात पिता ईश गुरु अवहेलना
अक्षम्य अपराधों की गिनती
हाथ जोड़ झुकाये मस्तक
नित प्रार्थना हूँ मैं रखती
🙏👏🙏👏🙏👏🙏👏🙏
Popular posts from this blog
Comments
Post a Comment