प्रातः वन्दन जय श्री मदन जी सर्वज्ञ है सर्वव्यापक सर्वशक्तिमान है कुल सृष्टि के स्वामी को शीश झुका प्रणाम है वीर पीर ऋषि मुनि के पूज्नीय दाता पुकारें तुमको देव और भगवान है सर्वरूपणी सर्वभुवन्दनी सर्वगुणों के स्वामी पूर्ण अजय असंख्य तुम्हारे नाम है कल्याणकारी है शिव के रूप में क्षमाशील और करुणानिधान है शक्ति रूप है न्यायकरिणी ही कर्मफलदाता प्रेम रूप वरदान है दिया ज्ञान है सत्य का अनुकूलित दिए फिर खुद ही समय समय प्रमाण है जिसका जितना संघर्षमय था जीवन किया उसीका उतना ही नाम है जड़ नहीं वो है शाश्वत चेतनमय प्रत्येक रूप में करती खुद ही काम है चाहे मानव से मात्र वो इतना ही जाने माने पहचान सके उसके काम है सर्वस्व रचा मानव को आवश्यक जो अनिवार्य तत्व प्रकृति के तमाम है रहें आभारी हरपल उसके हम सब सारे सदा हृदय धरें उसका ही इक ध्यान है मात पिता गुरु साथी रहबर हैं जो रूप मनोहर करते सदा कल्याण है 🙏👏🙏👏🙏👏🙏👏👏

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