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*भक्ति क्या है??,*
*"भक्ति" हाथ पैरो से नहीं होती है।*
*वर्ना विकलांग कभी नहीं कर पाते।*
*भक्ति ना ही आँखो से होती है*
*वर्ना सूरदास जी कभी नहीं कर पाते।*
*ना ही भक्ति*
*बोलने सुनने से होती है वर्ना "गूँगे"* *"बैहरे" कभी नहीं कर पाते।*
*ना ही "भक्ति" धन और ताकत से*
*होती है वर्ना गरीब और कमजोर*
*कभी नहीं कर पाते।*
*"भक्ति" केवल भाव से होती है*
*एक अहसास है "भक्ति"*
*जो हृदय से होकर विचारों में आती ह*ै
*और हमारी आत्मा से जुड़ जाती है।*
*"भक्ति" भाव का सच्चा सागर है।*
🙏 *जय श्री मदन जी* 🙏
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