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प्रतः वन्दन
जय श्री मदन जी
सर्व समर्थ वो सृष्टि स्वामी
एक मात्र पर वो अन्तर्यामी
असंख्य ब्रह्मण्डों का रचयिता
अनन्य रूप में कर्तागामी
धरती मात्र एक सौरमण्डल में
जहाँ सर्वश्रेष्ठ इंसान है प्राणी
सर्वभुवनवन्दनी सर्वरूपणी
अनादि अनन्त अगम्य अगोचर
मत धर्म सम्प्रदाय से ऊपर
शून्य समय से अनन्त काल तक
सर्वोच्च एक सबसे ही ऊपर
न्यायकारिणी वो कल्याणी
कृपासिन्धु दया के सागर
जड़ नहीं वो चेतन शक्ति
देते प्यार वो अनुभव कर
सर्वव्याप्त वो कण कण में
अंश मूक जो प्राणी के अंदर
आभारी रहे प्राणी उसके प्रति
उपकार किये इतने हम पर
श्रद्धा नमन श्री चरणों में
करें वन्दना नित शीश झुकाकर
सदवुद्धि ज्ञान हमें प्रभु देना
जीवन जियें सत्य के पथ पर
एक पूज्य सकल सृष्टि में
ज्ञान सत्य नहीं इससे ऊपर
देवी देव सब जिनकी रचना
करे आराधना धरती ये अम्बर
🙏👏🙏👏🙏👏🙏👏🙏
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