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आज जलन्धर में समागम के अवसर पर हमारे युवराज महेश्वर जी ने जो आशीर्वाद दिया का सारांश
पूर्णपरमेश्वर श्री मदन कृपा से
आज ये शुभावसर आया है
धाम बना है तभी जबकि
ईश्वर धरती पर आया है
आधार मात्र है घोषणा उसकी
जो सर्वोच्च शक्ति का स्वामी है
सर्वज्ञ सर्वव्यापक सर्वश्रेष्ठ औ
सर्वशक्तिमान अन्तर्यामी है
ले जन्म मैं आज धरा और आया
श्री मदन रूप इंसानी है
कर्मफलदाता भाग्यविधाता
जीव निर्जीव की निर्माता
जिसको कहते अल्लाह वाहेगुरु
गॉड ईश्वर परमेश्वर राधास्वामी
आज वही संबोधित होते
करे एलान ये अमृतवाणी
खोला प्रशिक्षण केंद्र मानकपुर
क्रियात्मक है ये कार्यप्रणाली
नहीं जगत में और कहीं सम्भव
ज्ञान प्रदान की अदभुत प्रणाली
नहीं मनुष्य या महान् आत्मा
दे रहा प्रशिक्षण सृष्टि बाली
ज्ञान दिया हमे समझाया
सृष्टि को जोड़ा रूप सजाया
यश अपयश जीवन और मृत्यु
सुख दुःख,हो या लाभ हानि
इसीप्रकार आद्यात्म औ भौतिक
दृश्य अदृश्य युग्म रूप हैं
रोटी कपड़ा और मकान ये
भौतिक मानष आवश्यकता
ठीक इसी प्रकार आत्मा को चाहिये
चिन्तन मनन ज्ञान मंथन अध्ययन
ईश्वर को जाने पाने पहचाने
एक ही करता हरेक रूप में
परम् शक्ति सर्वोच्च सच जाने
कुलदेवता से एक ईश तक
हर श्रेणी के सत्य को माने
पाप पुण्य की जटिल परिभाषा
नेक कर्म सदव्यवहार ही जाने
जड़ नहीं वो शक्ति चेतन है
एक उसको अपना माने
क्या उपाय प्रसन्न करने के
उसकी कृपा इच्छा पहचाने
जिस शक्ति ने सृष्टि बनायी
वो इंसान से इतना ही चाहे
करो व्यवहार वही औरों से जैसा
औरों से स्वयं को चाहे
सक्रीय रहें कार्यप्रणाली में
यही पूजा जप तप वन्दगी माने
आज्ञापालन वफादार बन
सेवा स्मरण महत्व को जाने
🙏👏🙏👏🙏👏🙏👏🙏
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