[02/04, 13:03] Dr Pratibha SMD: पर्वत पीछे सूरज मुस्काया किरणों ने तरुवर को बुलाया वसुंधरा सुन के इठलाई और वायु ने तब वेग बढ़ाया नदियों ने भी ली अंगड़ाई नीलगगन लालिमा छाई शीश झुका प्रणाम ईश्वर को प्रातः काल शुभ घड़ी आई 🙏🌻🌞🌞🍁🙏🌈🌈🙏🌹🌹🙏🌷🌷🙏🙏 [02/04, 14:27] Dr Pratibha SMD: आदित्य से अधिक तेज उजाला श्वेत प्रखर प्रज्ज्वल है आभा विराट रूप दिव्य प्रकाश से होता आलोकित संसार ये सारा कण्ठ सुगन्धित मधुर पुष्प है लोचन में असीम प्यार निराला साकार रूप की अनुपम शोभा दरशन पावे कोई किस्मत वाला शब्दों में मधुकर स्नेह बरषता मंत्र मुग्ध होती हर सुर वाला नियम गुण और शक्तियां जिसकी गाते है भक्त शब्दों की माला अलखनिरंजन शिवोमकार प्रणवाक्षर से शोभित एका श्री मदन जी पूर्ण परमेश्वर श्वेताम्बर को जिसने माथा टेका भवबन्धन से मुक्त हो गया वो हाथ शीश जिसके है रखा 🙏👏🙏👏🙏👏🙏👏🙏

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